आज, 23 नवंबर 2025 का दिन ज्योतिषीय रूप से महत्वपूर्ण है। पंचांग के अनुसार, आज मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है, जो शाम 7:25 बजे तक रहेगी, उसके बाद चतुर्थी शुरू हो जाएगी। इस वर्ष का संवत्सर विश्वावसु है। सूर्योदय 06:46 पूर्वाह्न पर और सूर्यास्त 17:40 दोपहर पर होगा। आइए जानते हैं आज के दिन नक्षत्र, योग और मुहूर्त का क्या महत्व है।
आज का नक्षत्र मूला है, जो सुबह के समय तक प्रभावी रहेगा, और उसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र आरंभ होगा। मूला नक्षत्र को कुछ हद तक चुनौतीपूर्ण माना जाता है; इसे मूल तत्वों से जोड़ा जाता है और कुछ मामलों में यह विनाशकारी या परिवर्तनकारी हो सकता है। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र अधिक शुभ और अनुकूल माना जाता है, जो स्वतंत्रता और साहस का प्रतिनिधित्व करता है।
दिन का योग धृति है जो दोपहर 12:08 बजे तक रहेगा, जिसके बाद शूल योग शुरू होगा। धृति योग स्थिरता और धैर्य का प्रतीक है, वहीं शूल योग कुछ मामलों में बाधाओं और संघर्षों का संकेत दे सकता है।
✨ शुभ और अशुभ मुहूर्त
अब बात करते हैं शुभ और अशुभ मुहूर्तों की।
- अभिजीत मुहूर्त आज सुबह 11:51 से दोपहर 12:34 तक है, जो किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को शुरू करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
- अमृत काल दोपहर 12:21 से दोपहर 2:07 तक रहेगा; यह समय भी शुभ कार्यों और नए उद्यमों के लिए अच्छा है।
- ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:01 से 5:53 तक है, जो ज्ञान प्राप्ति और आध्यात्मिक कार्यों के लिए उत्तम है।
- वहीं, दुर्मुहूर्त दोपहर 4:13 से शाम 4:56 तक रहेगा; इस समय कोई भी शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
- राहुकाल दोपहर 4:18 से शाम 5:40 तक रहेगा; यह भी अशुभ समय माना जाता है।
- गुलिकाल दोपहर 2:56 से शाम 4:18 तक रहेगा, जिसमें नई शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है।
- यमगंडा दोपहर 12:13 से 1:34 तक रहेगा, जो खतरे और बाधाओं का प्रतीक है।
- वर्ज्यम सुबह 1:40 से 3:27 तक और शाम 5:41 से 7:27 तक रहेगा; इस दौरान कार्यों को शुरू करने से बचना चाहिए।
- विजय मुहूर्त दोपहर 2:02 से 2:46 तक है, जो विजयी होने के लिए शुभ है।
पंचांग के अनुसार, निशिता मुहूर्त रात 11:47 से अगले दिन 12:39 तक रहेगा; यह भी कुछ विशेष कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है। संध्या का मुहूर्त भी दिन के लिए महत्वपूर्ण है।
यह जानकारी आपको अपने दिन की योजना बनाने में मदद कर सकती है, लेकिन यह पूर्ण नहीं है।
किसी भी निर्णय पर पहुंचने से पहले आपको किसी पुजारी से इस जानकारी की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
