आज, 17 नवंबर 2025 को, ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार कई महत्वपूर्ण ग्रह-नक्षत्रों का संयोग हो रहा है। आइए जानते हैं, आपके लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है और किन कार्यों को करने के लिए कौन सा समय शुभ है।
आज पूर्णिमांत मास में मार्गशीर्ष चल रहा है, और संवत्सर विस्वावासु है। सूर्योदय आज सुबह 6:42 बजे हुआ है, जबकि सूर्यास्त शाम 5:41 बजे होगा। तिथी कृष्ण पक्ष की द्वादशी है जो कल सुबह 4:48 बजे तक रहेगी, उसके बाद त्रयोदशी शुरू हो जाएगी।
आज का नक्षत्र ‘चित्रा’ है, जो 18 नवंबर को सुबह 5:01 बजे तक बना रहेगा। चित्रा नक्षत्र को अक्सर चुनौती और परिवर्तन का प्रतीक माना जाता है। यह रचनात्मकता को बढ़ावा देता है, लेकिन कुछ मामलों में भ्रम भी पैदा कर सकता है। आज का योग ‘प्रीति’ है जो सुबह 7:22 बजे तक है, इसके बाद ‘आयुष्मान’ योग शुरू होगा। प्रीति योग प्रेम और सद्भाव को बढ़ाता है, जबकि आयुष्मान योग स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए शुभ माना जाता है।
अब बात करते हैं शुभ और अशुभ मुहुर्तों की। आज ‘अभिजीत’ मुहुर्त सुबह 11:49 से दोपहर 12:33 मिनट तक है। यह मुहुर्त किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को शुरू करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। ‘अमृत काल’ रात 9:52 से 11:39 तक है, जो नए उद्यम शुरू करने या महत्वपूर्ण बातचीत करने के लिए अनुकूल है। ‘ब्रह्म मुहूर्त’ सुबह 4:57 से 5:50 तक है, जो आध्यात्मिक कार्यों और अध्ययन के लिए उत्तम है।
वहीं, ‘दुर्ग मुहूर्त’ दोपहर 12:33 से 1:17 और दोपहर 2:45 से 3:29 तक है। इन समयों में कोई भी शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। ‘गुलिका काल’ दोपहर 1:34 से 2:56 तक और ‘राहु काल’ सुबह 8:04 से 9:26 तक रहेगा, इन समयों को भी अशुभ माना जाता है। ‘वरजyam’ सुबह 11:07 से दोपहर 12:55 तक है, इसलिए इस दौरान किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को करने से बचें। ‘विजय मुहूर्त’ दोपहर 2:01 से 2:46 तक है, जो सफलता प्राप्ति के लिए अनुकूल है।
आज ‘गोधूलि’ शाम 5:41 से 6:07 तक और ‘संध्या’ (प्रatah और Sayahna) विशिष्ट समयों में आध्यात्मिक चिंतन के लिए उपयुक्त हैं। ‘निशिता मुहूर्त’ रात 11:46 से रात 12:38 तक है, जो गुप्त कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है।
यह जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है और सामान्य मार्गदर्शन के लिए है।
किसी भी निर्णय पर पहुंचने से पहले आपको किसी पुजारी से इस जानकारी की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
