19 नवंबर 2025: आज का दिन! सफलता के लिए ‘सौभाग्य’ योग, पर रहें सावधान!


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आज, 19 नवंबर 2025 को, आकाश में अद्भुत खगोलीय और ज्योतिषीय घटनाएँ घटित हो रही हैं, जो आपके दिन को प्रभावित कर सकती हैं। आइए, जानें आज की पंचांग की महत्वपूर्ण जानकारी और समझें कि यह आपके लिए क्या लेकर आ सकता है।

आज की तिथि और नक्षत्र

आज, कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है, जो सुबह 9:44 बजे तक रहेगी, इसके बाद अमावस्या शुरू हो जाएगी। यह समय आध्यात्मिक चिंतन और साधना के लिए उत्तम है। आज नक्षत्र स्वाति है, जो सुबह 7:59 बजे तक रहेगा, जिसके बाद विशाखा नक्षत्र आरम्भ होगा। स्वाति नक्षत्र स्थिरता और केंद्रित ऊर्जा का प्रतीक है। विशाखा नक्षत्र साहस और दृढ़ संकल्प को प्रोत्साहित करता है।

आज का योग और करण

आज ‘सौभाग्य’ योग है, जो सुबह 9:00 बजे तक है। यह योग सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। नए उद्यम शुरू करने, महत्वपूर्ण निर्णय लेने और महत्वपूर्ण कार्यों को सम्पन्न करने के लिए यह बहुत ही अच्छा समय है। इसके बाद ‘शोभन’ योग प्रारम्भ होगा, जो शांति और स्थिरता का संकेत देता है। आज का करण ‘शकुनि’ है, जो सुबह 9:44 बजे तक है, और इसके बाद ‘चतुष्पाद’ तथा ‘नागवा’ करण रहेंगे। शकुनि करण कुछ मामलों में सावधानी बरतने का संकेत देता है।

शुभ और अशुभ मुहूर्त

आज कई महत्वपूर्ण मुहूर्त हैं:

  • ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4:59 – 5:51): यह समय ध्यान और आध्यात्मिक अभ्यास के लिए सबसे उपयुक्त है।
  • विजय मुहूर्त (दोपहर 2:01 – 2:46): यह समय किसी भी कार्य की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है।
  • गोधूलि (शाम 5:40 – 6:07): यह समय धार्मिक कार्यों और मंत्र जाप के लिए विशेष रूप से अच्छा है।
  • दुर्मुहूर्त (दोपहर 11:50 – 12:34): इस समय में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
  • राहु काल (दोपहर 12:12 – 1:34): यह समय किसी भी शुभ कार्य के लिए निषिद्ध माना जाता है।
  • यमगण्ड (सुबह 8:05 – 9:27): इस समय में यात्रा और लेन-देन से बचना चाहिए।
  • वरज्‍यम (दोपहर 2:17 – 4:05): इस समय में शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।
  • गुलिकाल (सुबह 10:49 – 12:12): यह समय भी अशुभ माना जाता है।
  • निशिता मुहूर्त (रात 11:46 – 12:38): यह समय गुप्त कार्यों और मंत्र साधना के लिए उपयुक्त है।

विशेष ध्यान देने योग्य

आज के दिन नक्षत्र और योग का संयोजन संतुलित है। ‘सौभाग्य’ योग निश्चित रूप से सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर रहा है, लेकिन ‘शकुनि’ करण की उपस्थिति कुछ मामलों में सतर्कता की आवश्यकता बताती है। विशेष रूप से, वित्तीय लेन-देन और महत्वपूर्ण अनुबंधों पर हस्ताक्षर करते समय सावधानी बरतें।

किसी भी निर्णय पर पहुँचने से पहले आपको किसी पुजारी से इस जानकारी की पुष्टि कर लेनी चाहिए।