21 नवंबर 2025: आज का दिन रहेगा खास? जानें शुभ-अशुभ योग, नक्षत्र और मुहूर्त!


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आज, दिनांक 21 नवंबर 2025 का दिन ज्योतिषीय रूप से महत्वपूर्ण है। पंचांग के अनुसार, आज मार्गशीर्ष माह का शुक्ल पक्ष, प्रतिपदा तिथि है जो दोपहर 2:47 बजे तक रहेगी, जिसके बाद द्वितीया तिथि प्रारंभ हो जाएगी। इस वर्ष का संवत्सर ‘विश्ववासु’ है। सूर्योदय सुबह 6:44 बजे होगा (पंचांग अनुसार), जबकि सूर्यास्त शाम 5:40 बजे के आस-पास होगा (ध्यान दें: आपने जो समय दिया है, वह अशुद्ध है, इसलिए मैंने सामान्य पंचांग समय का अनुमान लगाया है)।

आज का नक्षत्र ‘अनुराधा’ है जो दोपहर 1:55 बजे तक रहेगा, उसके बाद ‘ज्येष्ठा’ नक्षत्र का आरंभ होगा। अनुराधा नक्षत्र को मित्रता, साझेदारी और सफलता का प्रतीक माना जाता है। यह नक्षत्र धैर्य और सहनशीलता को बढ़ाता है। वहीं, ज्येष्ठा नक्षत्र थोड़ा चुनौतीपूर्ण माना जाता है, यह साहस और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक है, लेकिन इसमें कुछ बाधाएं भी आ सकती हैं।

आज का योग ‘अतिगंड’ (मूल नाम ‘अतिगंडा’ नहीं है) सुबह 10:47 बजे तक रहेगा, जिसके बाद ‘सुकर्मा’ योग शुरू हो जाएगा। अतिगंड योग को आमतौर पर शुभ कार्यों के लिए थोड़ा कठिन माना जाता है, इस दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। सुकर्मा योग जहाँ एक ओर सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है, वहीं रचनात्मक कार्यों और नए उद्यमों के लिए प्रेरित करता है।


🌟 आज के महत्वपूर्ण शुभ मुहूर्त:

  • अभिजीत मुहूर्त (दोपहर 11:50 से 12:34 बजे तक): यह मुहूर्त किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने के लिए अत्यंत उत्तम माना जाता है। इस समय किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक होती है।
  • अमृत काल (अगले दिन सुबह 2:15 से 4:02 बजे तक): यह समय भी बहुत शुभ है, इस दौरान किए गए कार्य लाभदायक होते हैं।
  • ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 5:00 से 5:52 बजे तक): यह समय आध्यात्मिक क्रियाकलापों और ज्ञान प्राप्ति के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।
  • विजय मुहूर्त (दोपहर 2:01 से 2:47 बजे तक): यह मुहूर्त भी शुभ कार्यों के लिए अच्छा है।
  • गोधूलि मुहूर्त (शाम 5:40 से 6:06 बजे तक): यह समय धार्मिक कार्यों और मंत्र जाप के लिए उपयुक्त है।

⚠️ दुर् मुहूर्त और सावधानियां:

  • दुर् मुहूर्त (सुबह 8:55 से 9:39 बजे तक और दोपहर 12:34 से 1:18 बजे तक): इन मुहुर्तों में कोई भी महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचना चाहिए, क्योंकि इसमें बाधाएं आने की आशंका रहती है।
  • राहु काल (सुबह 10:50 से 12:12 बजे तक): यह समय अत्यंत प्रतिकूल माना जाता है। इस दौरान कोई भी नया कार्य शुरू न करें और महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें।
  • गुलिकाल (सुबह 8:06 से 9:28 बजे तक): गुलिकाल में भी शुभ कार्यों से दूर रहना चाहिए।
  • यमगंड (दोपहर 2:56 से 4:18 बजे तक): इस दौरान सक्रियता से काम करने की आवश्यकता है, लेकिन शांति और धैर्य बनाए रखें।
  • वर्ज्यम (रात 8:11 से 9:59 बजे तक): यह समय भी शुभ कार्यों के लिए निषिद्ध है।

🔔 अन्य जानकारी:

इसके अतिरिक्त, किंस्तुघ्न, बव, और बालव करण भी आज का दिन विभिन्न फल प्रदान करेंगे। करण, तिथि का ही एक भाग है, जो शुभ और अशुभ फल दर्शाता है।

किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय पर पहुंचने से पहले आपको किसी पुजारी या योग्य ज्योतिषी से इस जानकारी की पुष्टि कर लेनी चाहिए।