आज, 22 नवंबर 2025 को, आकाश में ग्रहों की स्थिति और धरती पर होने वाली गतिविधियों के लिए विशेष मुहूर्त बन रहे हैं। पंचांग के अनुसार, यह दिन कई मायनों में महत्वपूर्ण है और आपके जीवन पर इसका गहरा प्रभाव पड़ सकता है। आइए, विस्तार से जानते हैं आज की तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ-अशुभ समय के बारे में।
तिथि: आज शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है, जो सुबह 5:11:51 बजे तक रहेगी। इसके बाद तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी। द्वितीया तिथि उत्साह और वृद्धि का प्रतीक है, यह नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ मानी जाती है। तृतीया तिथि साहस और शक्ति से जुड़ी है।
नक्षत्र: आज ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा जो दोपहर 4:46:57 बजे तक है। इसके बाद मूला नक्षत्र आरंभ होगा। ज्येष्ठा नक्षत्र को चुनौतीपूर्ण माना जाता है, लेकिन यह साहस और दृढ़ संकल्प को भी बढ़ाता है। मूला नक्षत्र विनाश और पुनर्जन्म का प्रतीक है, यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में सहायक हो सकता है।
योग: आज सुकर्म योग का प्रभाव सुबह 11:29:27 बजे तक रहेगा, जो सकारात्मकता और अच्छे कार्यों को प्रोत्साहित करता है। दोपहर के बाद धृति योग शुरू होगा, जो स्थिरता और धैर्य का प्रतीक है।
करण: आज बाल्व करण सुबह 4:00:52 बजे तक और फिर कौलव करण दोपहर 5:11:51 बजे तक रहेगा। इसके बाद तैतिल करण शुरू होगा।
शुभ मुहूर्त:
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:51:04 से 12:34:44 तक – इस समय में किए गए कार्य सफल होते हैं।
- अमृत काल: सुबह 6:56:13 से सुबह 8:43:38 तक – यह सबसे शुभ समय माना जाता है, विशेष रूप से महत्वपूर्ण कार्यों और समारोहों के लिए।
- ब्रम्हा मुहूर्त: सुबह 5:00:45 से सुबह 5:53:04 तक – यह समय ज्ञान और आध्यात्मिकता के लिए उत्तम है।
- गोधूलि: शाम 5:40:25 से शाम 6:06:36 तक – यह समय सुख और शांति के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:02:04 से दोपहर 2:46:25 तक – किसी भी सुंदर या लाभदायी कार्य के लिए यह मुहूर्त उत्तम है।
- निशिता मुहूर्त: रात 11:47:03 से रात 12:39:26 तक – यह समय गुप्त कार्यों और मंत्र-तंत्र के लिए उपयुक्त माना जाता है।
अशुभ मुहूर्त:
- दुर्मुहूर्त: सुबह 6:45:24 से सुबह 8:12:44 तक – इस समय में किसी भी शुभ कार्य को करने से बचना चाहिए।
- गुलिकाल: सुबह 6:45:24 से सुबह 8:07:16 तक – इस समय के दौरान किए गए कार्य में बाधा आने की संभावना हो सकती है।
- राहु काल: सुबह 9:29:09 से सुबह 10:51:02 तक – यह समय नकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है, इसलिए किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से बचें।
- यमगंडा: दोपहर 1:34:47 से दोपहर 2:56:40 तक – यह समय स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए हानिकारक माना जाता है।
आज के दिन, शुभ मुहुर्तों में शुरू किए गए कार्य निश्चित रूप से सफल होंगे, जबकि अशुभ मुहुर्तों में सावधानी बरतनी चाहिए। यह दिन आत्म-चिंतन और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने का अवसर है।
किसी भी निर्णय पर पहुंचने से पहले आपको किसी पुजारी से इस जानकारी की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
